बातें मेरी, पसंद-नापसंद आपकी...

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Wednesday, June 01, 2011

शिर्डी के साईं बाबा...

हाल ही में शिर्डी जाने का अवसर प्राप्त हुआ, निश्चित है की साईं बाबा मंदिर भी दर्शनार्थ जाना था । सो जाने से पहले बाबा के बारे में जानकारी करने हेतु कुछ खंगाला तो पाया की बाबा दरअसल में एक फकीर थे जिनके धर्म व जन्म के बारे में ठीक-ठीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। किन्तु एक बात तो पक्की थी की बाबा के पास कुछ अलौकिक शक्तियां थीं जिनका उपयोग बाबा दूसरों की सेवा के लिए करते थे, मांग कर भोजन करते थे, एक कपड़ा लपेटे रहते थे और नीम के पेड़ के नीचे रहते थे। यानी की बाबा ने अपने लिए कभी कुछ एकत्र नहीं किया था, और जब उन्होंने देह त्याग की तब उन्हें शिर्डी में ही भू-समाधी दे दी गयी जहाँ आज उनका भव्य मंदिर बना हुआ है। खैर, इन सब जानकारियों व बाबा के प्रति मन में श्रद्धा लिए हुए शिर्डी पहुंचा तो पाया की वहां बाबा का एक भव्य मंदिर बना हुआ है जिसमे बाबा की मूर्ति सोने के सिंघासन पर सोने का मुकुट धारण किये हुए विराजमान है और सोने का क्षत्र भी ऊपर लगा हुआ है। यह सब देखकर थोड़ा आश्चर्य हुआ की जिस बाबा ने पूरा जीवन एक फकीर के रूप में बिताया आज उसके भक्तों ने उसे सोने से लाद दिया। मित्रों, इससे एक बात तो समझ में आती है की यह संसार भी बड़ा अजीब है, जो सब कुछ त्याग देता है उसे भर-भरकर देता है और जो मांगता है उसे कुछ देता नहीं है।

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