
'ओसामा बिन लादेन' को तो मरना ही था, क्योंकि अपनी जिंदगी में वो इतने बुरे काम कर चुका था कि उसे तो पहले ही मर जाना चाहिए था। अब वो कैसे मरा, कब मरा, कहाँ मरा, किसने मारा, क्यों मारा, आदि-आदि प्रशनों पर पूर्ण विराम लगना चाहिए। अब मर गया तो मर गया इतना ही जान लेना जशन मनाने के लिए काफी है। मानवता के दुश्मन कि मृत्यु पर तरह-तरह के सवाल उठाये जाएँ यह तो ठीक नहीं है।
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