आखिर कब तक हम भय के वातावरण, अनहोनी कि आशंकाओं, या अनिस्चितिता के माहौल में जीते रहेंगे? आखिर कब तक चंद स्वार्थी लोग इस विवाद के बहाने हमको डराते - धमकाते रहेंगे? क्या हम अपनी अगली पीढ़ी या अपने बच्चों को यही विरासत सौंप कर जायँगे? जिस से कि वे भी डर-डर कर जिन्दगी गुजारें। अब वक्त आ गया है, कि हम यह तय करें कि कोर्ट का फैसला चाहे जो भी हो, हम सब भारतवासी मिलजुल कर एकसाथ रहेंगे और किसी बहकावे में नहीं आयेंगे। बस अब और गलतियाँ नहीं। बातें मेरी, पसंद-नापसंद आपकी...
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Monday, September 20, 2010
रामजनम भूमि - बाबरी मस्जिद विवाद?
रामजनम भूमि - बाबरी मस्जिद विवाद पर इलाहबाद हाई कोर्ट का फैसला २४ सितम्बर को आने वाला है। अब कोर्ट के फैसले का तो पता नहीं, पर इतना निस्चित है कि अब इस विवाद का अंतिम हल निकलना चाहिए।
आखिर कब तक हम भय के वातावरण, अनहोनी कि आशंकाओं, या अनिस्चितिता के माहौल में जीते रहेंगे? आखिर कब तक चंद स्वार्थी लोग इस विवाद के बहाने हमको डराते - धमकाते रहेंगे? क्या हम अपनी अगली पीढ़ी या अपने बच्चों को यही विरासत सौंप कर जायँगे? जिस से कि वे भी डर-डर कर जिन्दगी गुजारें। अब वक्त आ गया है, कि हम यह तय करें कि कोर्ट का फैसला चाहे जो भी हो, हम सब भारतवासी मिलजुल कर एकसाथ रहेंगे और किसी बहकावे में नहीं आयेंगे। बस अब और गलतियाँ नहीं।
आखिर कब तक हम भय के वातावरण, अनहोनी कि आशंकाओं, या अनिस्चितिता के माहौल में जीते रहेंगे? आखिर कब तक चंद स्वार्थी लोग इस विवाद के बहाने हमको डराते - धमकाते रहेंगे? क्या हम अपनी अगली पीढ़ी या अपने बच्चों को यही विरासत सौंप कर जायँगे? जिस से कि वे भी डर-डर कर जिन्दगी गुजारें। अब वक्त आ गया है, कि हम यह तय करें कि कोर्ट का फैसला चाहे जो भी हो, हम सब भारतवासी मिलजुल कर एकसाथ रहेंगे और किसी बहकावे में नहीं आयेंगे। बस अब और गलतियाँ नहीं।
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